सुप्रीम कोर्ट ने BCI के संशोधन को मंज़ूरी दी: बार एसोसिएशन के पदाधिकारी अब राज्य बार काउंसिल चुनाव लड़ सकेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने 24-04-2026 को बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया के संशोधित चुनाव नियमों को मंज़ूरी दी। अब बार एसोसिएशन के पदाधिकारी राज्य बार काउंसिल चुनाव लड़ सकेंगे, बशर्ते वे एक बार में एक ही प्रतिनिधि पद रखने का वचन नामांकन के साथ दें।
24 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया द्वारा बार काउंसिल चुनाव नियम, 2016 के अध्याय III में किए गए संशोधन को मंज़ूरी दी। यह संशोधन 21 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुआ है और बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों को राज्य बार काउंसिल चुनाव लड़ने से रोकने वाली पुरानी अयोग्यता समाप्त करता है।
पुराने नियम के तहत बार एसोसिएशन का अध्यक्ष/सचिव/कोषाध्यक्ष आदि अपनी पद से इस्तीफ़ा दिए बिना राज्य बार काउंसिल चुनाव में नामांकन नहीं कर सकता था। संशोधित ढाँचा अब उन्हें अनुमति देता है, बशर्ते 'एक समय में एक प्रतिनिधि पद' का वचन नामांकन के साथ दिया जाए। यदि अभ्यर्थी राज्य बार काउंसिल में निर्वाचित हो जाता है तो बार एसोसिएशन का पद ख़ाली करना होगा; न जीतने पर वह पद पर बना रह सकता है।
मामला (श्याम लाल ठाकुर बनाम बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया) कई वर्षों से लंबित था। पहले के राज्य बार काउंसिल चुनावों में, विशेषकर मध्य प्रदेश में, कई पदाधिकारियों के नामांकन इसी पुराने नियम के आधार पर रद्द किए गए थे। पीठ ने पाया कि सम्पूर्ण रोक का 'कोई औचित्य' नहीं है।
परीक्षा दृष्टिकोण: बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के तहत बना सांविधिक निकाय है। धारा 4 BCI और धारा 3 राज्य बार काउंसिल की स्थापना करती है। BCI पेशेवर एवं नैतिक मानक तय करता है, अखिल भारतीय बार परीक्षा (AIBE) के लिए विधि विश्वविद्यालयों को मान्यता देता है, और अनुशासनिक मामलों में अपीलीय निकाय है। नोट: सूर्य कांत नवंबर 2025 में 53वें CJI के रूप में शपथ ले चुके हैं।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- पीठ: CJI सूर्य कांत एवं न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची।
- BCI के चुनाव नियम 2016 के अध्याय III में संशोधन को मंज़ूरी।
- संशोधन 21 अप्रैल 2026 से प्रभावी।
- बार एसोसिएशन पदाधिकारी अब राज्य बार काउंसिल चुनाव लड़ सकेंगे।
- शर्त: एक समय में एक ही प्रतिनिधि पद का वचन।
- मामला: श्याम लाल ठाकुर बनाम बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया।
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC GS-II, राज्य PCS, न्यायपालिका परीक्षाएँ, SSC GK के लिए राजव्यवस्था एवं क़ानूनी मामले। संभावित MCQ: BCI का मूल क़ानून (अधिवक्ता अधिनियम, 1961); BCI की अनुशासनिक अपीलीय भूमिका; AIBE आयोजक (BCI); वर्तमान CJI (सूर्य कांत)।
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