नीति आयोग का पुनर्गठन: अशोक लाहिड़ी उपाध्यक्ष नियुक्त
केंद्र सरकार ने नीति आयोग का पुनर्गठन कर पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अशोक कुमार लाहिड़ी को नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। 2015 में स्थापना के बाद से यह आयोग की पूर्णकालिक सदस्यता का सबसे बड़ा फेरबदल है।
केंद्र सरकार ने 25-04-2026 को अपनी प्रमुख नीति-थिंक टैंक संस्था नीति आयोग का पुनर्गठन किया। पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अशोक कुमार लाहिड़ी को नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मंत्रिमंडल सचिवालय के आदेश में पाँच नए पूर्णकालिक सदस्य भी अधिसूचित किए गए हैं, जबकि पहले के पूर्णकालिक सदस्यों में से केवल एक — पूर्व कैबिनेट सचिव — को बरकरार रखा गया है।
नए पूर्णकालिक सदस्यों में अर्थशास्त्री के. वी. राजू, वैज्ञानिक गोबर्धन दास, एम्स के निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय करंदीकर शामिल हैं। नीति आयोग के पदेन सदस्य केंद्रीय कैबिनेट से चुने जाते हैं, और प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं।
नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान) की स्थापना जनवरी 2015 में योजना आयोग के स्थान पर एक कार्यकारी संकल्प के माध्यम से की गई थी। यह न तो संवैधानिक और न ही सांविधिक निकाय है। यह सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने वाला एक नीति-सलाहकार निकाय है, जिसमें राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं उपराज्यपालों को मिलाकर शासी परिषद बनती है। यह SDG इंडिया इंडेक्स, हेल्थ इंडेक्स और आकांक्षी जिला कार्यक्रम जैसी पहलें भी चलाता है।
अशोक कुमार लाहिड़ी 2002 से 2007 तक मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे और 15वें वित्त आयोग के सदस्य भी थे। वर्तमान में वे पश्चिम बंगाल से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। इस पुनर्गठन को आगामी विज़न डॉक्यूमेंट और 16वें वित्त आयोग चक्र के लिए ताज़ा विशेषज्ञता लाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
परीक्षा दृष्टि: UPSC और राज्य PCS अभ्यर्थियों को याद रखना चाहिए कि नीति आयोग एक कार्यकारी-संकल्प आधारित निकाय है (सांविधिक नहीं), जिसकी स्थापना 1 जनवरी 2015 को हुई। उपाध्यक्ष कैबिनेट मंत्री के पद पर होते हैं। संरचना: अध्यक्ष (प्रधानमंत्री), उपाध्यक्ष, पूर्णकालिक सदस्य, पदेन सदस्य, विशेष आमंत्रित सदस्य और CEO।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- अशोक कुमार लाहिड़ी नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष नियुक्त (अप्रैल 2026)
- पाँच नए पूर्णकालिक सदस्य; केवल एक पूर्व सदस्य बरकरार
- नए पूर्णकालिक सदस्य: के. वी. राजू, गोबर्धन दास, डॉ. एम. श्रीनिवास, अभय करंदीकर एवं एक पूर्व कैबिनेट सचिव
- नीति आयोग की स्थापना जनवरी 2015 में कार्यकारी संकल्प से; योजना आयोग का स्थान लिया
- प्रधानमंत्री पदेन अध्यक्ष; उपाध्यक्ष को कैबिनेट रैंक प्राप्त
- लाहिड़ी 2002-07 में CEA और 15वें वित्त आयोग के सदस्य रह चुके हैं
परीक्षा प्रासंगिकता
राजव्यवस्था (कार्यकारी निकाय, योजना तंत्र), भारतीय अर्थव्यवस्था (नीति-निर्माण ढाँचा, वित्त आयोग). प्रारंभिक परीक्षा एवं मुख्य परीक्षा GS-2 के लिए महत्वपूर्ण।
संबंधित लेख
मुंबई-सोलापुर वंदे भारत एक्सप्रेस पुणे स्टेशन पर पटरी से उतरी; कोई हताहत …
मुंबई-सोलापुर वंदे भारत एक्सप्रेस का एक कोच पुणे स्टेशन में प्रवेश करते समय एक डायमंड …
मन की बात 133वाँ एपिसोड: नाभिकीय, पवन ऊर्जा एवं जनगणना 2027 स्व-गणना
प्रधानमंत्री ने 26-04-2026 को मन की बात के 133वें एपिसोड में चार बड़ी उपलब्धियों का …
जनगणना 2027: भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना; स्व-गणना पोर्टल खुला
जनगणना 2027 भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है। चरण-I, गृह सूचीकरण एवं आवास जनगणना, …
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2026: पीएआई 2.0 लॉन्च, थीम "सशक्त पंचायत, सर्वांगीण …
भारत ने 24-04-2026 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया, जो 73वें संविधान संशोधन के 33 …
सुप्रीम कोर्ट ने BCI के संशोधन को मंज़ूरी दी: बार एसोसिएशन के …
सुप्रीम कोर्ट ने 24-04-2026 को बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया के संशोधित चुनाव नियमों को मंज़ूरी …