कैबिनेट ने PMGSY-III को मार्च 2028 तक बढ़ाया, परिव्यय 83,977 करोड़ रुपये
Union Cabinet ने Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana Phase III को March 2028 तक बढ़ा दिया, संशोधित परिव्यय 83,977 करोड़ रुपये है, जिससे plain और hilly राज्यों में ग्रामीण सड़क और पुल कार्य पूरे हो सकें।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में Union Cabinet ने Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana Phase III (PMGSY-III) को March 2025 के बाद बढ़ाकर March 2028 तक जारी रखने को मंज़ूरी दे दी है। April 2026 के मध्य में लिया गया यह निर्णय योजना के कुल वित्तीय परिव्यय को 80,250 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 83,977 करोड़ रुपये भी करता है। यह विस्तार औपचारिक रूप से Cabinet note के माध्यम से किया गया, जिसकी चर्चा 22-04-2026 के आसपास की current-affairs सामग्री में व्यापक रूप से हुई।
Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana 2000 में एक centrally sponsored scheme के रूप में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य असंबद्ध ग्रामीण बस्तियों को all-weather सड़क संपर्क प्रदान करना था। PMGSY-III, जो 2019 में शुरू हुई, through routes के consolidation और बस्तियों को gramin agricultural markets, higher secondary schools तथा अस्पतालों से जोड़ने वाली प्रमुख ग्रामीण कड़ियों पर केंद्रित है। केंद्र और अधिकांश राज्यों के बीच funding 60:40 के अनुपात में, तथा north-eastern और Himalayan राज्यों के लिए 90:10 के अनुपात में साझा होती है।
अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त दो वर्ष और बढ़ा हुआ परिव्यय plain और hilly क्षेत्रों में जारी सड़क और पुल कार्यों को पूरा करने के लिए ज़रूरी हैं, जिनमें supply-chain बाधाओं और कठिन भू-भाग में उच्च engineering मानकों की मांग के कारण देरी हुई थी। बेहतर गाँव-सड़कें कृषि उत्पादों के परिवहन की लागत घटाने, स्कूलों, primary health centres और बाज़ारों तक पहुँच सुधारने तथा निर्माण के माध्यम से ग्रामीण रोज़गार बढ़ाने में मदद करेंगी।
परीक्षा दृष्टिकोण: PMGSY की शुरुआत वर्ष (2000), चर्चा का चरण (PMGSY-III, 2019), नई समाप्ति तिथि (March 2028) और संशोधित परिव्यय (83,977 करोड़ रुपये) ध्यान में रखें। funding pattern (60:40, विशेष श्रेणी राज्यों के लिए 90:10) SSC और Banking GA में बार-बार पूछा जाता है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- PMGSY-III का विस्तार March 2025 से March 2028 तक।
- कुल परिव्यय 80,250 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 83,977 करोड़ रुपये।
- Phase-III through routes के consolidation और बाज़ार/स्कूल/अस्पताल से जोड़ने वाली कड़ियों पर केंद्रित।
- Funding ratio: अधिकांश राज्यों में 60:40 केंद्र-राज्य, north-eastern व Himalayan राज्यों में 90:10।
- PMGSY स्वयं 2000 में शुरू हुई थी; Phase-III की शुरुआत 2019 में।
- निर्णय Ministry of Rural Development के अंतर्गत Union Cabinet ने लिया।
परीक्षा प्रासंगिकता
SSC, Banking GA और UPSC Prelims schemes; GS-2 (कल्याण योजनाएँ, केंद्र-राज्य वित्त) और GS-3 (ग्रामीण अर्थव्यवस्था, अवसंरचना)।
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