भारत और दक्षिण कोरिया ने नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में 2030 तक 50 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य रखा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को लगभग दोगुना करके 50 अरब डॉलर तक ले जाने का रोडमैप घोषित किया, लंबित CEPA उन्नयन को तेज़ करने पर सहमति बनी और रक्षा, सेमीकंडक्टर तथा डिजिटल तकनीक पर 25 परिणाम-समझौते जारी किए गए।
भारत और कोरिया गणराज्य ने 20 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर आए दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग के बीच हुई बातचीत में अपनी विशेष सामरिक साझेदारी को उन्नत किया। आठ वर्षों में किसी दक्षिण कोरियाई राष्ट्राध्यक्ष की यह पहली आने वाली यात्रा थी, और दोनों नेताओं ने 2026 से 2030 की अवधि के लिए पाँच वर्षीय सामरिक दृष्टि-पत्र जारी किया।
मुख्य आर्थिक घोषणा 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा लगभग 27 अरब डॉलर से बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक पहुँचाने के लक्ष्य की रही। इस छलाँग को सक्षम करने के लिए दोनों सरकारों ने भारत-कोरिया Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) के लंबित उन्नयन की वार्ता पुनः शुरू और तेज़ करने पर सहमति जताई, जिसमें व्यापार-असंतुलन को संबोधित करने और भारतीय इस्पात, मत्स्य व रसायन निर्यात को रोकने वाली ग़ैर-शुल्क बाधाओं को हटाने पर ज़ोर रहा।
रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों ने K9 वज्र हॉवित्ज़र कार्यक्रम के आधार पर औद्योगिक सहयोग का तीसरा चरण शुरू करने पर सहमति जताई, और स्टार्ट-अप व शोधकर्ताओं को जोड़ने वाले Korea-India Defence Accelerator (KIND-X) की घोषणा की। AI, सेमीकंडक्टर और डिजिटल बुनियादी ढाँचे पर संयुक्त कार्य को गहरा करने के लिए नई India-Korea Digital Bridge पहल शुरू की गई, और प्रधानमंत्री मोदी ने छोटी व मँझोली कोरियाई कंपनियों को भारतीय बाज़ार में प्रवेश में सहायता हेतु एक Korean Industrial Township की स्थापना की घोषणा की।
कुल मिलाकर दोनों पक्षों ने व्यापार, रक्षा, तकनीक, ऊर्जा, जहाज़ निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन और वैश्विक शासन तक फैले 25 परिणाम-दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए। नेताओं ने एक स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित हिन्द-प्रशांत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
परीक्षा दृष्टिकोण: UPSC और अन्य सेवा परीक्षाएँ भारत की सामरिक साझेदारियों की संरचना पर अक्सर प्रश्न पूछती हैं। अभ्यर्थियों को 2030 तक 50 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य, CEPA उन्नयन, K9 वज्र कड़ी और यह तथ्य याद रखना चाहिए कि दक्षिण कोरिया उन गिने-चुने देशों में है जिनके साथ भारत की विशेष सामरिक साझेदारी है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- 2030 तक 50 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य, मौजूदा लगभग 27 अरब डॉलर से
- CEPA उन्नयन वार्ता पुनः शुरू और तेज़ की जाएगी
- व्यापार, रक्षा, तकनीक, ऊर्जा, जहाज़ निर्माण पर 25 परिणाम-दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर
- Korea-India Defence Accelerator (KIND-X) शुरू; K9 वज्र सहयोग का तीसरा चरण
- AI, सेमीकंडक्टर और डिजिटल अवसंरचना के लिए India-Korea Digital Bridge
- भारत में SME हेतु Korean Industrial Township स्थापित होगा
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC GS-II (द्विपक्षीय संबंध), SSC व बैंकिंग सामान्य जागरूकता के व्यापार-अर्थव्यवस्था प्रश्नों और CDS/CAPF के रक्षा-सहयोग प्रश्नों के लिए महत्त्वपूर्ण।
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