भारत और दक्षिण कोरिया ने पाँच-वर्षीय रणनीतिक रोडमैप पर सहमति बनाई, 2030 तक 50 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दौरे पर आए दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने 20-04-2026 को नई दिल्ली में प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता की और 2026-2030 के लिए एक संयुक्त रणनीतिक दृष्टिपत्र अपनाया। दोनों पक्षों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को लगभग 27 अरब डॉलर से बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा और AI, सेमीकंडक्टर तथा डिजिटल अवसंरचना में सहयोग के लिए India-Korea Digital Bridge का शुभारंभ किया।
क्या हुआ: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने अपनी तीन-दिवसीय भारत राजकीय यात्रा की शुरुआत की और 20-04-2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने 2026 से 2030 की अवधि के लिए विशेष रणनीतिक भागीदारी का संयुक्त रणनीतिक दृष्टिपत्र, साथ ही जहाज निर्माण, स्थिरता और ऊर्जा संसाधन सुरक्षा पर तीन क्रियान्वयन दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए।
यह क्यों मायने रखता है: भारत और दक्षिण कोरिया ने 2015 में संबंधों को विशेष रणनीतिक भागीदारी का दर्जा दिया था, लेकिन द्विपक्षीय व्यापार लगभग 27 अरब डॉलर सालाना पर अटका हुआ है — संभावना से काफी कम। नया रोडमैप 2030 तक 50 अरब डॉलर का स्पष्ट लक्ष्य रखता है और रिश्ते को उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स तथा इस्पात से आगे बढ़ाकर जहाज निर्माण, क्रिटिकल मिनरल, AI और सेमीकंडक्टर तक ले जाने का प्रयास करता है।
मुख्य नई व्यवस्थाएँ: India-Korea Digital Bridge इसमें मुख्य घोषणा है। इसका उद्देश्य चिप डिज़ाइन, AI सुरक्षा और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में संयुक्त निवेश और मानक-निर्धारण कार्य को आगे बढ़ाना है। जहाज निर्माण समझौता वाणिज्यिक पोत निर्माण में कोरिया के दबदबे को मान्यता देता है और इसे भारत की Maritime Vision 2047 के साथ जोड़ता है। ऊर्जा और क्रिटिकल मिनरल ट्रैक भारत की Critical Minerals Mission के तहत कोरिया की प्रोसेसिंग क्षमता को भारतीय खानों से जोड़ता है।
भारत के लिए: भारत के लिए यह सौदा उन्नत निर्माण इनपुट के लिए चीनी आपूर्ति शृंखलाओं पर अति-निर्भरता घटाता है और Make in India इलेक्ट्रॉनिक्स पुश में मदद करता है। दक्षिण कोरियाई कंपनियाँ पहले से ही तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और हरियाणा में बड़े कारखाने चलाती हैं; नया रोडमैप अगले निवेश को तेज़ करने वाला है।
परीक्षा दृष्टिकोण: तारीख (20-04-2026), व्यापार लक्ष्य (2030 तक 50 अरब डॉलर), ढाँचे का नाम (Joint Strategic Vision / Special Strategic Partnership) और प्रमुख पहल (India-Korea Digital Bridge) याद रखें। स्थैतिक संदर्भ: 2010 से लागू India-Korea CEPA, Quad सहयोग संदर्भ और बड़ा Indo-Pacific ढाँचा।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- शिखर सम्मेलन 20-04-2026 को नई दिल्ली में हुआ; ली जे-म्युंग की राष्ट्रपति के रूप में पहली राजकीय भारत यात्रा।
- विशेष रणनीतिक भागीदारी (2026-2030) के पाँच-वर्षीय रोडमैप के रूप में संयुक्त रणनीतिक दृष्टिपत्र अपनाया गया।
- द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य लगभग 27 अरब डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 50 अरब डॉलर किया गया।
- AI, सेमीकंडक्टर और डिजिटल अवसंरचना सहयोग के लिए India-Korea Digital Bridge शुरू किया गया।
- जहाज निर्माण, स्थिरता और ऊर्जा संसाधन सुरक्षा पर तीन सहायक दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर हुए।
- सुरक्षित समुद्री मार्गों, क्रिटिकल मिनरल आपूर्ति शृंखलाओं और पश्चिम एशिया सुरक्षा पर भी चर्चा हुई।
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC GS-II (द्विपक्षीय संबंध, समूह) के लिए महत्वपूर्ण; प्रीलिम्स में शिखर सम्मेलन की तारीख, हस्ताक्षरित समझौते और व्यापार लक्ष्य पर सीधे तथ्यात्मक प्रश्न आ सकते हैं।
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