Bharat Maritime Insurance Pool: भारतीय शिपिंग के लिए संप्रभुता-समर्थित बीमा
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय शिपिंग को निरंतर Hull, Cargo, P&I और War-risk कवर देने के लिए 12,980 करोड़ रुपये की sovereign guarantee वाला Bharat Maritime Insurance Pool मंज़ूर किया है। यह कदम विदेशी पुनर्बीमाकर्ताओं पर निर्भरता घटाता है और Strait of Hormuz तनाव के बीच आया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 18-04-2026 को Bharat Maritime Insurance Pool (BMI Pool) के गठन को मंज़ूरी दी। 19-04-2026 को इस निर्णय पर नीति-वर्गों में व्यापक चर्चा हुई, विशेषकर Strait of Hormuz में जारी तनाव के संदर्भ में जिसने वैश्विक शिपिंग पर भारी दबाव डाला है।
यह pool 12,980 करोड़ रुपये की sovereign guarantee पर आधारित है। इसमें चार प्रकार के समुद्री जोखिम कवर होंगे — Hull and Machinery, Cargo, Protection and Indemnity (P&I) तथा War risk। सदस्य बीमा कंपनियाँ संयुक्त रूप से भारतीय-ध्वजांकित और भारतीय-नियंत्रित जहाज़ों, तथा भारत के बंदरगाहों से माल ढोने वाले विदेशी जहाज़ों के लिए पॉलिसियाँ जारी करेंगी। pool की संयुक्त underwriting क्षमता लगभग 950 करोड़ रुपये होगी और इसका प्रशासन General Insurance Corporation of India (GIC Re) करेगी।
आर्थिक तर्क सीधा है। समुद्री व्यापार भारत के कुल व्यापार का लगभग 70% मात्रा के आधार पर और लगभग 95% मूल्य के आधार पर वहन करता है, परंतु भारतीय शिपिंग उच्च-स्तर के कवर के लिए International Group of P&I Clubs जैसे विदेशी पुनर्बीमाकर्ताओं पर लंबे समय से निर्भर रही है। जब भी प्रतिबंध, युद्ध-जोखिम प्रीमियम या बीमाकर्ताओं की वापसी जैसे झटके किसी मार्ग को प्रभावित करते हैं, तो भारतीय आयातकों के लिए मालभाड़ा और बीमा प्रीमियम तेज़ी से बढ़ जाते हैं।
BMI Pool इसलिए रणनीतिक स्वायत्तता और वित्तीय स्थिरता दोनों का उपकरण है। यह UK, जापान और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय pool के अनुरूप है। भारत Sagarmala और Maritime Amrit Kaal Vision के तहत बंदरगाहों और भारतीय-ध्वजांकित बेड़े में निवेश कर रहा है, और यह pool उसी ढाँचे का पूरक हिस्सा है।
परीक्षा दृष्टिकोण: sovereign guarantee की राशि (12,980 करोड़ रुपये), चार जोखिम वर्ग (Hull, Cargo, P&I, War), GIC Re की भूमिका, समुद्री व्यापार का हिस्सा और विदेशी पुनर्बीमाकर्ताओं पर निर्भरता घटाने की रणनीति — सब प्रश्न-योग्य हैं। UPSC GS-3 (अर्थव्यवस्था, अवसंरचना), Banking GA और SSC GS में उपयोगी।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- मंत्रिमंडल मंज़ूरी: 18-04-2026; 19-04-2026 को व्यापक कवरेज।
- Sovereign guarantee: 12,980 करोड़ रुपये।
- कवर: Hull and Machinery, Cargo, Protection and Indemnity (P&I), War।
- pool की संयुक्त underwriting क्षमता: ~950 करोड़ रुपये; प्रशासक: GIC Re।
- दायरा: भारतीय-ध्वजांकित/भारतीय-नियंत्रित जहाज़ और भारत के बंदरगाहों से व्यापार करने वाले विदेशी जहाज़।
- समुद्री व्यापार: भारत के कुल व्यापार का ~70% मात्रा और ~95% मूल्य।
- उद्देश्य: International Group of P&I Clubs जैसे विदेशी पुनर्बीमाकर्ताओं पर निर्भरता घटाना।
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC GS-3 (अर्थव्यवस्था, बाह्य क्षेत्र, रणनीतिक स्वायत्तता) और Banking/SSC GA के लिए महत्वपूर्ण — आँकड़े, जोखिम वर्ग और GIC Re की भूमिका सीधे प्रश्न-योग्य।
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