Science & Tech 03 Jun 2026

AI निगरानी पर US का आदेश: AI गवर्नेंस के लिए इसका क्या मतलब है

US ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमें सबसे उन्नत AI मॉडल बनाने वालों से कहा गया है कि वे सार्वजनिक रिलीज़ से पहले सरकारी सुरक्षा परीक्षण की अनुमति दें। जानिए AI गवर्नेंस के लिए इसका क्या मतलब है, समीक्षा अवधि घटाकर 30 दिन क्यों की गई, और भारत की अपनी AI नीति इसकी तुलना में कैसी है।

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United States ने एक नया कार्यकारी आदेश (executive order) जारी किया है, जिसमें सबसे उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम बनाने वालों से कहा गया है कि वे अपने मॉडल को जनता के लिए जारी करने से पहले सरकार को उनकी जांच करने दें। यह आदेश June 3, 2026 को हस्ताक्षरित हुआ। इसका नाम 'Promoting Advanced Artificial Intelligence Innovation and Security' है। यह एक उल्लेखनीय बदलाव है, क्योंकि US सरकार पहले AI के प्रति हल्के-फुल्के, कम दखल वाले रवैये को प्राथमिकता देती थी।

आदेश क्या करता है

यह आदेश एक स्वैच्छिक (voluntary) ढांचा तैयार करता है। इसके तहत, संघीय एजेंसियां यह तय करेंगी कि कौन से सिस्टम "covered frontier models" यानी सबसे शक्तिशाली और सक्षम AI मॉडल माने जाएंगे। ऐसे मॉडल बनाने वाली कंपनियां इसमें भाग लेना चुन सकती हैं। यदि वे सहमत होती हैं, तो वे कुछ सरकारी एजेंसियों को मॉडल के व्यापक रूप से लॉन्च होने से पहले सुरक्षा के लिए उसका परीक्षण करने हेतु जल्दी पहुंच (early access) देंगी।

सरकार द्वारा बताया गया मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा (cybersecurity) है। जैसे-जैसे AI सिस्टम अधिक शक्तिशाली होते जाएंगे, वे कंप्यूटर सिस्टम की कमजोरियों को खोज सकते हैं या उनका दुरुपयोग कर सकते हैं। शुरुआती परीक्षण का उद्देश्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे — जैसे बिजली, बैंकिंग और रक्षा नेटवर्क — को ऐसे जोखिमों से बचाने में मदद करना है।

30-दिन की समीक्षा अवधि

एक प्रमुख विशेषता 30-दिन की समीक्षा अवधि है। भाग लेने वाले डेवलपर्स चुनी हुई सरकारी एजेंसियों को सार्वजनिक रिलीज़ से पहले एक उन्नत मॉडल का परीक्षण करने के लिए एक महीने तक की अनुमति देंगे। जिन एजेंसियों के शामिल होने की उम्मीद है उनमें Departments of Defense, Commerce, Homeland Security और Treasury शामिल हैं।

आदेश के एक पहले के मसौदे में 90-दिन (तीन महीने) की समीक्षा का प्रस्ताव था। उस संस्करण को रोक दिया गया जब प्रौद्योगिकी उद्योग ने चेतावनी दी कि एक लंबी समीक्षा नवाचार को धीमा कर सकती है और वैश्विक दौड़ में US कंपनियों को कमजोर कर सकती है, खासकर China के मुकाबले। अंतिम आदेश ने समीक्षा को घटाकर 30 दिन कर दिया ताकि कंपनियां बड़ी देरी के बिना परीक्षण को अपने सामान्य प्री-लॉन्च काम में समायोजित कर सकें।

"स्वैच्छिक" होना क्यों मायने रखता है

यह आदेश जानबूझकर स्वैच्छिक है। यह कोई नई लाइसेंस आवश्यकता नहीं बनाता और कंपनियों को AI मॉडल लॉन्च करने से पहले मंजूरी लेने के लिए बाध्य नहीं करता। इसके बजाय, एजेंसियों से डेवलपर्स के साथ एक सहयोगात्मक ढांचा तैयार करने के लिए कहा गया है। यह आदेश सरकारी सिस्टम में मजबूत साइबर सुरक्षा और सॉफ्टवेयर की कमजोरियों को खोजने के लिए उद्योग के साथ करीबी समन्वय का भी आह्वान करता है।

AI गवर्नेंस क्या है?

AI गवर्नेंस उन नियमों, नीतियों और संस्थानों को कहते हैं जो यह तय करते हैं कि AI को कैसे बनाया और इस्तेमाल किया जाए। इसका उद्देश्य उपयोगी नवाचार को बढ़ावा देना है, साथ ही सुरक्षा खतरों, दुरुपयोग, पूर्वाग्रह (bias) और नागरिकों को नुकसान जैसे जोखिमों को कम करना है। दुनिया भर की सरकारें सही संतुलन खोजने की कोशिश कर रही हैं: बहुत कम निगरानी खतरनाक दुरुपयोग की अनुमति दे सकती है, जबकि बहुत अधिक निगरानी प्रगति को धीमा कर सकती है और कंपनियों को विदेश धकेल सकती है। US का आदेश इसी संतुलन का एक उदाहरण है — यह "नवाचार-पहले" रुख बनाए रखता है, साथ ही शक्तिशाली AI टूल से उभरते नए साइबर जोखिमों को प्रबंधित करने की कोशिश करता है।

भारत का पक्ष

भारत भी इस बारे में सोचता रहा है कि AI को कैसे नियंत्रित किया जाए। March 1, 2024 को भारत के IT Ministry ने एक एडवाइजरी जारी की थी जिसमें AI प्लेटफॉर्म से कहा गया था कि वे ऐसी सेवाएं लॉन्च करने से पहले सरकार की अनुमति लें जो अभी भी "under-testing" या "unreliable" थीं। इस कदम की प्रौद्योगिकी उद्योग ने तीखी आलोचना की, और सरकार ने लगभग पंद्रह दिनों के भीतर इस आवश्यकता को वापस ले लिया। भारत ने बाद में स्पष्ट किया कि एडवाइजरी बड़े, महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म के लिए थी, न कि स्टार्टअप के लिए।

AI क्षमता बनाने का भारत का व्यापक प्रयास IndiaAI Mission के नेतृत्व में है, जो एक सरकारी कार्यक्रम है और कंप्यूटिंग शक्ति, डेटासेट, कौशल, स्टार्टअप तथा सुरक्षित और भरोसेमंद AI का समर्थन करता है। देश ने आम तौर पर ऐसे दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी है जो भारी प्री-लॉन्च मंजूरियां थोपने के बजाय नवाचार को बढ़ावा देते हुए सुरक्षा उपाय बनाता है।

बड़ी तस्वीर

US का आदेश एक व्यापक वैश्विक रुझान को दर्शाता है: देश बिना किसी नियम से हटकर कम से कम सबसे शक्तिशाली AI सिस्टम की कुछ संरचित निगरानी की ओर बढ़ रहे हैं, जो अक्सर सुरक्षा पर केंद्रित होती है। ऐसे कदम वास्तविक दुनिया के साइबर जोखिमों को सार्थक रूप से कम करेंगे या नहीं, इस पर अभी बहस जारी है, लेकिन दिशा — AI सुरक्षा और गवर्नेंस पर अधिक ध्यान — स्पष्ट है।

याद रखने योग्य मुख्य बिंदु

  • US ने June 3, 2026 को 'Promoting Advanced Artificial Intelligence Innovation and Security' नामक एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जो सबसे उन्नत ("frontier") AI मॉडल की निगरानी के लिए एक स्वैच्छिक ढांचा बनाता है।
  • भाग लेने वाले डेवलपर्स चुनी हुई संघीय एजेंसियों को सार्वजनिक रिलीज़ से पहले 30 दिनों तक अपने मॉडल का सुरक्षा परीक्षण करने हेतु जल्दी पहुंच दे सकते हैं; पहले के मसौदे में 90-दिन की समीक्षा का प्रस्ताव था।
  • यह ढांचा स्वैच्छिक है — यह कोई नया लाइसेंस या अनिवार्य मंजूरी नहीं बनाता; इसका मुख्य घोषित उद्देश्य साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा है।
  • जिन एजेंसियों के शामिल होने की संभावना है उनमें Departments of Defense, Commerce, Homeland Security और Treasury शामिल हैं।
  • March 2024 में, भारत ने एक एडवाइजरी जारी की और फिर वापस ले ली, जिसमें AI प्लेटफॉर्म से टेस्ट-स्टेज सेवाएं लॉन्च करने से पहले अनुमति लेने की आवश्यकता थी; भारत की AI क्षमता निर्माण का नेतृत्व IndiaAI Mission करता है।
  • AI गवर्नेंस का मतलब है वे नियम और संस्थान जो AI नवाचार को बढ़ावा देने और सुरक्षा खतरों, दुरुपयोग व पूर्वाग्रह जैसे जोखिमों को प्रबंधित करने के बीच संतुलन बनाते हैं।

परीक्षा प्रासंगिकता

AI गवर्नेंस और उभरती प्रौद्योगिकी नीति UPSC (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आंतरिक/साइबर सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय संबंध) के लिए उच्च-मूल्य वाले क्षेत्र हैं और SSC तथा state PCS की सामान्य जागरूकता में भी इन्हें तेजी से पूछा जा रहा है। अभ्यर्थियों को US आदेश की स्वैच्छिक प्रकृति, 30-दिन की समीक्षा अवधि, 'frontier models' की अवधारणा, AI गवर्नेंस का अर्थ, भारत की वापस ली गई 2024 AI एडवाइजरी, और IndiaAI Mission याद रखना चाहिए।

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