Brexit जनमत संग्रह के दस साल बाद: EU छोड़ने ने UK को कैसे बदला
23 जून 2016 के जनमत संग्रह के दस साल बाद, Brexit ने UK को राजनीतिक अस्थिरता, धीमी वृद्धि और व्यापार में बाधाओं के साथ छोड़ दिया है। तब से छह प्रधानमंत्री पद छोड़ चुके हैं, जिनमें सबसे ताज़ा Keir Starmer हैं, जबकि लोकलुभावन दल आगे बढ़े हैं।
23 जून 2016 को करीब 51.9% ब्रिटिश मतदाताओं — लगभग 1 करोड़ 70 लाख लोगों — ने एक जनमत संग्रह में दुनिया के सबसे बड़े एकल बाज़ार European Union (EU) को छोड़ने के पक्ष में वोट दिया। यह अलगाव 2020 में Trade and Cooperation Agreement के साथ पूरा हुआ, जो Brexit के बाद UK और EU के बीच व्यापार और सुरक्षा संबंधों को नियंत्रित करता है। एक दशक बीत जाने पर इसके परिणामों का व्यापक रूप से आकलन किया जा रहा है।
समर्थकों ने तर्क दिया था कि Brexit संप्रभुता वापस दिलाएगा, आप्रवासन (immigration) पर नियंत्रण करेगा और समृद्धि लाएगा। इसके बजाय, UK ने राजनीतिक अस्थिरता, धीमी आर्थिक वृद्धि और बढ़ती महंगाई देखी है। जनमत संग्रह के बाद के दौर में छह प्रधानमंत्री अपना पूरा कार्यकाल पूरा किए बिना पद छोड़ चुके हैं — इनमें सबसे ताज़ा हैं Keir Starmer, जिन्होंने 2024 के चुनाव में बड़े बहुमत के बावजूद Brexit की 10वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर इस्तीफा दे दिया।
EU के एकल बाज़ार और कस्टम्स यूनियन को छोड़ने से गैर-शुल्क बाधाएँ (non-tariff barriers) पैदा हुईं, जैसे अतिरिक्त कागज़ी कार्रवाई और सीमा-शुल्क प्रक्रियाएँ, जिसने UK के छोटे कारोबारों और व्यापार को नुकसान पहुँचाया। राजनीतिक रूप से, दोनों पारंपरिक दलों के लिए समर्थन रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिर गया है, जबकि लोकलुभावन ताकतों — आप्रवासी-विरोधी Reform UK और पर्यावरण-लोकलुभावन Greens — ने अपनी पकड़ मज़बूत की है। Brexit ने संघ (union) पर भी दबाव डाला, और Scotland तथा Northern Ireland में स्वतंत्रता-समर्थक भावना बढ़ी, जिन्होंने बने रहने के पक्ष में वोट दिया था।
अभ्यर्थियों के लिए, Brexit एक अहम International Relations विषय है। महत्वपूर्ण बिंदु हैं — 2016 के जनमत संग्रह की तारीख, एकल बाज़ार और कस्टम्स यूनियन के रूप में EU, 2020 का Trade and Cooperation Agreement, और किसी क्षेत्रीय गुट को छोड़ने के आर्थिक व राजनीतिक प्रभाव।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- Brexit जनमत संग्रह 23 जून 2016 को हुआ; 51.9% ने EU छोड़ने के पक्ष में वोट दिया
- EU दुनिया का सबसे बड़ा एकल बाज़ार है; UK ने इसका कस्टम्स यूनियन भी छोड़ा
- यह अलगाव 2020 में Trade and Cooperation Agreement के ज़रिये पूरा हुआ
- गैर-शुल्क बाधाओं (कागज़ी कार्रवाई, सीमा-शुल्क) ने UK के छोटे कारोबारों और व्यापार को नुकसान पहुँचाया
- 2016 से छह UK प्रधानमंत्री अपना पूरा कार्यकाल पूरा किए बिना पद छोड़ चुके हैं
- पारंपरिक दलों का समर्थन गिरने के साथ लोकलुभावन दल (Reform UK, Greens) उभरे
परीक्षा प्रासंगिकता
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