ओडिशा ने नदी तटों और शहरी जल निकायों के लिए 500 करोड़ रुपये की वॉटरफ्रंट विकास योजना शुरू की
ओडिशा ने अपने नदी तटों, झीलों और शहरी जल निकायों को विकसित करने के लिए 500 करोड़ रुपये की वॉटरफ्रंट विकास योजना शुरू की है, जिसमें वॉकवे, हरियाली, घाट और जल निकायों का पुनरुद्धार शामिल है, ताकि शहरी जीवन की गुणवत्ता और पर्यटन बेहतर हो।
ओडिशा सरकार ने राज्य के नदी तटों, झीलों और शहरी जल निकायों को विकसित करने के लिए 500 करोड़ रुपये की एक नई वॉटरफ्रंट विकास योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य जल निकायों के किनारे की जगहों को साफ-सुथरा, सुंदर और लोगों के घूमने-फिरने लायक बनाना है, ताकि शहरी जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो और पर्यटन को बढ़ावा मिले।
योजना के तहत नदी तटों पर पैदल चलने के रास्ते (वॉकवे), हरियाली, बैठने की जगहें, घाट और साफ-सफाई से जुड़ी सुविधाएँ बनाई जाएँगी। साथ ही, शहरों में मौजूद तालाबों और झीलों के पुनरुद्धार (रिवाइवल) पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिले और बाढ़ जैसी समस्याओं को कम किया जा सके। यह काम केंद्र सरकार की AMRUT योजना के दृष्टिकोण से भी जुड़ा हुआ है, जो शहरी बुनियादी ढाँचे और जल आपूर्ति पर केंद्रित है।
राज्य सरकार के अनुसार, इस योजना से न केवल शहरों की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और जल निकायों के आसपास की संपत्ति का मूल्य भी बढ़ेगा। योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और इसमें राज्य के प्रमुख शहरों के नदी तटों और जल निकायों को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए इसमें मुख्य बातें हैं — शहरी जल निकायों का पुनरुद्धार, AMRUT योजना से जुड़ाव, जल संरक्षण और शहरी बुनियादी ढाँचे का विकास।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- ओडिशा ने नदी तटों और शहरी जल निकायों के लिए 500 करोड़ रुपये की वॉटरफ्रंट विकास योजना शुरू की
- योजना का उद्देश्य जल निकायों के किनारे की जगहों को सुंदर और उपयोगी बनाना है
- वॉकवे, हरियाली, घाट और साफ-सफाई की सुविधाएँ बनाई जाएँगी
- शहरी तालाबों और झीलों के पुनरुद्धार पर जोर, जिससे जल संरक्षण और बाढ़ नियंत्रण में मदद मिले
- योजना केंद्र की AMRUT योजना के दृष्टिकोण से जुड़ी है
- इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
परीक्षा प्रासंगिकता
State PCS (ओडिशा) और UPSC/SSC सामान्य जागरूकता के लिए प्रासंगिक — शहरी विकास, जल संरक्षण, AMRUT योजना और शहरी जल निकायों का पुनरुद्धार।
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