कलपक्कम फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने पहली क्रिटिकेलिटी प्राप्त की, भारत द्वितीय चरण में
तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित 500 MWe प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने 6 अप्रैल 2026 को पहली क्रिटिकेलिटी प्राप्त की, जो निर्माण शुरू होने के लगभग दो दशक बाद आई। इस उपलब्धि के साथ भारत औपचारिक रूप से अपने तीन-चरणीय नाभिकीय कार्यक्रम के द्वितीय चरण में प्रवेश कर गया है।
भारत के 500 MWe प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR), कलपक्कम (तमिलनाडु) ने 6 अप्रैल 2026 को रात 8:25 बजे पहली क्रिटिकेलिटी प्राप्त की। परमाणु ऊर्जा विभाग ने इसे दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा एवं स्वदेशी नाभिकीय प्रौद्योगिकी की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
"फास्ट ब्रीडर" रिएक्टर वह होता है जो तीव्र (अनियंत्रित) न्यूट्रॉनों का उपयोग कर अपनी खपत से अधिक विखंडनीय सामग्री उत्पन्न करता है। PFBR यूरेनियम-प्लूटोनियम मिश्रित ऑक्साइड (MOX) ईंधन का उपयोग करता है। तीव्र न्यूट्रॉन उर्वरा यूरेनियम-238 को विखंडनीय प्लूटोनियम-239 में बदलते हैं, जिसे आगे चलकर पुनः ईंधन में परिवर्तित किया जा सकता है। शीतलक के रूप में जल नहीं, बल्कि तरल सोडियम का उपयोग होता है, क्योंकि सोडियम न्यूट्रॉनों को धीमा नहीं करता।
यह रिएक्टर 1950 के दशक में होमी भाभा द्वारा परिकल्पित तीन-चरणीय नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रम का केंद्रबिंदु है। प्रथम चरण में दाबित भारी जल रिएक्टरों में प्राकृतिक यूरेनियम; द्वितीय चरण में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर एवं प्रथम चरण से प्राप्त प्लूटोनियम; और तृतीय चरण में थोरियम चक्र होगा। पहली क्रिटिकेलिटी के साथ देश औपचारिक रूप से प्रथम से द्वितीय चरण में पहुँच गया है।
इस रिएक्टर का संचालन भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (BHAVINI) करता है, जो परमाणु ऊर्जा विभाग के अंतर्गत भारत सरकार का उपक्रम है। निर्माण 2004 में शुरू हुआ और मूल लक्ष्य 2010 था, परंतु परियोजना में कई बार देरी हुई। अंतिम लागत लगभग 8,181 करोड़ रुपये अनुमानित है, जबकि मूल अनुमान 3,492 करोड़ रुपये था। PFBR को अब चरणबद्ध पावर वृद्धि से गुजारा जाएगा और सितंबर 2026 तक वाणिज्यिक विद्युत उत्पादन प्रारंभ होने की संभावना है।
परीक्षा दृष्टि: सीधे प्रश्न — द्वितीय चरण में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर एवं MOX ईंधन; संचालन एजेंसी BHAVINI; शीतलक तरल सोडियम; उर्वरा से विखंडनीय परिवर्तन U-238 से Pu-239; स्थान कलपक्कम (तमिलनाडु)।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- कलपक्कम का 500 MWe PFBR 06-04-2026 को क्रिटिकेलिटी प्राप्त
- भारत के तीन-चरणीय नाभिकीय कार्यक्रम के द्वितीय चरण में औपचारिक प्रवेश
- संचालन: BHAVINI (परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत)
- ईंधन: यूरेनियम-प्लूटोनियम MOX; शीतलक: तरल सोडियम
- तीव्र न्यूट्रॉन U-238 को Pu-239 में बदलते हैं
- रूस के बाद भारत वाणिज्यिक स्तर पर फास्ट ब्रीडर चलाने वाला दूसरा देश बनेगा
- वाणिज्यिक उत्पादन सितंबर 2026 से अपेक्षित
परीक्षा प्रासंगिकता
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (नाभिकीय भौतिकी, तीन-चरणीय कार्यक्रम), ऊर्जा (स्वच्छ ऊर्जा मिश्रण), समसामयिकी।
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