भारत की पहली उन्नत 3D ग्लास सेमीकंडक्टर पैकेजिंग इकाई का भुवनेश्वर में शिलान्यास
भुवनेश्वर में भारत की पहली उन्नत 3D ग्लास-सब्स्ट्रेट सेमीकंडक्टर पैकेजिंग इकाई का निर्माण शुरू हो गया है, जिसकी नियोजित वार्षिक क्षमता लगभग 70,000 ग्लास पैनल और 5 करोड़ असेंबल्ड इकाइयाँ है। 1,943 करोड़ रुपये की यह परियोजना, केंद्र और ओडिशा राज्य की सब्सिडी से समर्थित, अगस्त 2028 तक वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने की उम्मीद है।
ओडिशा ने 19 अप्रैल 2026 को भुवनेश्वर में भारत की पहली उन्नत 3D ग्लास-सब्स्ट्रेट सेमीकंडक्टर पैकेजिंग इकाई के शिलान्यास समारोह की मेज़बानी की, जो देश की चिप-निर्माण आकांक्षाओं के लिए एक मील का पत्थर है। यह इकाई, जिसका नाम Heterogeneous Integration Packaging Solutions है और जो 3D Glass Solutions तकनीक के इर्द-गिर्द बनी है, भारत में अपनी तरह की पहली है।
संयंत्र की परियोजना लागत लगभग 1,943.53 करोड़ रुपये है, और नियोजित वार्षिक क्षमता 70,000 ग्लास पैनल, लगभग 5 करोड़ असेंबल्ड इकाइयाँ और लगभग 13,000 उन्नत 3D Heterogeneous Integration मॉड्यूल है। ग्लास-सब्स्ट्रेट पैकेजिंग पारंपरिक सिलिकॉन या ऑर्गेनिक सब्स्ट्रेट के बजाय ग्लास का उपयोग करती है और चिप्स को लंबवत रूप से ढेर करने के लिए through-glass vias का प्रयोग करती है, जिससे पारंपरिक पैकेजिंग की तुलना में अधिक गति, कम बिजली खपत और सघन एकीकरण संभव होता है।
परियोजना की धनराशि केंद्र सरकार की लगभग 799 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता और ओडिशा की लगभग 399.5 करोड़ रुपये की राज्य भागीदारी से मिल रही है। वाणिज्यिक उत्पादन अगस्त 2028 तक शुरू होने का लक्ष्य है, और पूर्ण-पैमाना उत्पादन अगस्त 2030 तक। संयंत्र से लगभग 2,500 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार पैदा होने की उम्मीद है।
ओडिशा में ही स्थापित हो रही SiCSem कम्पाउंड सेमीकंडक्टर इकाई के साथ मिलकर यह नई पैकेजिंग सुविधा ओडिशा को भारत का पहला ऐसा राज्य बनाती है जो एक कम्पाउंड सेमीकंडक्टर fab और एक उन्नत ग्लास-सब्स्ट्रेट पैकेजिंग इकाई — दोनों की मेज़बानी करेगा। इससे राज्य India Semiconductor Mission का एक केंद्र बिंदु बन जाता है, जो डिज़ाइन से fabrication और पैकेजिंग तक संपूर्ण घरेलू क्षमता निर्माण करना चाहता है।
परीक्षा दृष्टिकोण: UPSC GS-III (विज्ञान-तकनीक, अवसंरचना), SSC और बैंकिंग सामान्य जागरूकता के लिए महत्त्वपूर्ण। भुवनेश्वर, 1,943 करोड़ रुपये की लागत, अगस्त 2028 का वाणिज्यिक उत्पादन लक्ष्य, और India Semiconductor Mission से जुड़ाव याद रखें।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- 19-04-2026 को भुवनेश्वर में भारत की पहली 3D ग्लास पैकेजिंग इकाई का शिलान्यास
- परियोजना लागत लगभग 1,943.53 करोड़ रुपये; क्षमता 70,000 ग्लास पैनल/वर्ष
- लक्ष्य: 5 करोड़ असेंबल्ड इकाइयाँ और 13,000 उन्नत 3DHI मॉड्यूल/वर्ष
- केंद्र की वित्तीय सहायता 799 करोड़ रुपये; ओडिशा का अंश लगभग 399.5 करोड़ रुपये
- वाणिज्यिक उत्पादन: अगस्त 2028; पूर्ण-पैमाना: अगस्त 2030
- लगभग 2,500 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोज़गार
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC GS-III (विज्ञान-तकनीक व अवसंरचना), SSC और बैंकिंग सामान्य जागरूकता के लिए महत्त्वपूर्ण। India Semiconductor Mission व आत्मनिर्भर भारत के साथ जोड़कर पढ़ें।
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