भारत ने Q4 FY26 में GDP का 0.7% चालू खाता अधिशेष दर्ज किया
भारत ने Q4 FY26 में GDP का 0.7% चालू खाता अधिशेष दर्ज किया, जो पिछली तिमाही के घाटे से उलटफेर है। मजबूत services निर्यात और मजबूत remittances इसकी मुख्य वजह रहे। पूरे वर्ष का घाटा GDP के 0.6% पर स्थिर रहा।
Reserve Bank of India द्वारा 8 जून 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत ने FY26 की जनवरी–मार्च तिमाही (Q4) में GDP का 0.7% चालू खाता अधिशेष (current account surplus) दर्ज किया। यह पिछली तिमाही में दर्ज करीब $13.2 बिलियन के घाटे से एक बड़ा उलटफेर है, हालाँकि एक साल पहले की इसी तिमाही में दर्ज 1.4% अधिशेष से कम है।
चालू खाता (current account) भुगतान संतुलन (balance of payments) का वह हिस्सा है जो भारत और बाकी दुनिया के बीच वस्तुओं, सेवाओं और निवेश आय के प्रवाह को दर्ज करता है। अधिशेष का मतलब है कि देश में आने वाला पैसा बाहर जाने वाले पैसे से अधिक था, जो बाहरी स्थिरता और रुपये पर दबाव कम होने का संकेत देता है।
अधिशेष के पीछे दो मुख्य कारण रहे। सेवाओं से शुद्ध आय करीब $60.4 बिलियन तक पहुँची, जिसे software और अन्य business services के मजबूत निर्यात से सहारा मिला। विदेशों में काम करने वाले भारतीयों के भेजे गए remittances भी करीब $43.5 बिलियन तक बढ़े। पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण इन remittance प्रवाहों पर खतरे की आशंका थी, लेकिन वे इस तिमाही में मजबूत बने रहे।
पूरे वित्त वर्ष के लिए चालू खाता घाटा (current account deficit) लगभग $25.2 बिलियन यानी GDP का 0.6% रहा — जो पिछले साल के मुकाबले लगभग स्थिर है। पूंजी प्रवाह (capital inflows) से आसानी से वित्त पोषित एक छोटा, स्थिर घाटा भारत जैसी अर्थव्यवस्था के लिए आम तौर पर स्वस्थ माना जाता है।
याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
- Q4 FY26 चालू खाता अधिशेष: GDP का 0.7%
- पिछली तिमाही के करीब $13.2 बिलियन के घाटे से उलटफेर
- सेवाओं से शुद्ध आय करीब $60.4 बिलियन तक पहुँची
- विदेश में रहने वाले भारतीयों के remittances करीब $43.5 बिलियन तक बढ़े
- पूरे वर्ष का चालू खाता घाटा: करीब $25.2 बिलियन (GDP का 0.6%)
- Reserve Bank of India द्वारा जारी आंकड़े
परीक्षा प्रासंगिकता
UPSC Prelims और Mains (अर्थव्यवस्था — भुगतान संतुलन, चालू खाता), Banking परीक्षाएं (RBI और बाह्य क्षेत्र), तथा SSC CGL सामान्य जागरूकता के लिए प्रासंगिक।
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